दीपावली
फिर आयी दीपावली माँ हुई ख़ुशी से बावली
बच्चो की रौनक होगी हमारे अंगना
खन खन करेंगे बहु बेटी के कंगना
बच्चों के खिलखिलाने से तुम्हे भी मिलेगा सकून
खिल उठेगा ये बाग़ और झूमने लगेगा बागबान
इन् महानगरों ने अपना चमन चमकाया है
हमारे दीपको की चमचमाती रोशनियों से
माँ पापा ही नहीं पूरा कुटुंब तुम्हे याद करता है
याद करती है तुमको ये रौनके बाज़ार
दीपावली भी पूरा वर्ष इन्तजार करती है
देखने को अपने दीपको की चमचमाती कतार
फिर आयी दीपावली माँ हुई ख़ुशी से बावली

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