याद है मुझको आज भी वो दिन
जब तुम मेरे जीवन में आई
10 अप्रैल 1990 मंगलवार का वो दिन
जब देवी माँ खुद मेरे सपने में आई
एक ऐसा उपहार माँ मुझे दे गयी
मेरा जीवन रोशन हो गया
याद है मुझको आज भी वो दिन
नरम नरम गौरे गौरे हाथ तुम्हारे
छूने पर एक प्यारा सा अहसास
दौढ़ गया मेरे रग़ रग़ में
मुझे लगा मेरा बचपन मुझे ही दिखाने
भगवान ने भेजी है कोई परी
याद है मुझको आज भी वो दिन
आखों से निकले वो दो आसूं
जो ख़ुशी से छलक आये थे
तुम्हारे नरम हाथों पर जा गिरे
अहसास तुम्हे माँ के प्यार का
इन आसुंओं ने दिया होगा
याद है मुझको आज भी वो दिन
ख़ुशी से मेरा मन झूम झूम उठा था
हर तकलीफ को भुला दिया था मैंने
कैसे वक़्त गुजरा तुम बड़ी हो गयी
अपने सपनो को पूरा करने मुझसे दूर हो गयी
उसी देवी माँ पर विश्वास है मुझे
सदा तुम्हारे जीवन में खुशियाँ भरे
हर जनमदिन तुम्हारा खुशियों से भरा हो
जन्मदिन मुबारक हो ----------
याद है मुझको आज भी वो दिन
गलों पर तुम्हारे चूमकर तुम्हे
प्यार किया करती थी में
इस जनमदिन पर क्या उपहार दूँ
कुछ शब्द लिखकर आज
अपना प्यार तुम तक पहुँचाने की
कोशिश बस कर रही हूँ में
हर सपना तुम्हारा पूरा हो
यही दुआ देवी माँ से करती हूँ में
तुम्हारी मम्मी
दीपगिरी