बुधवार, 13 अप्रैल 2011

मेरी बिटिया रानी

याद है मुझको आज भी वो दिन 
जब तुम मेरे जीवन में आई 
10 अप्रैल 1990 मंगलवार का वो दिन 
जब देवी माँ खुद मेरे सपने में आई 
एक ऐसा उपहार माँ मुझे दे गयी 
मेरा जीवन रोशन हो गया 
याद है मुझको आज भी वो दिन 
नरम नरम गौरे गौरे हाथ तुम्हारे 
छूने पर एक प्यारा सा अहसास 
दौढ़ गया मेरे रग़ रग़ में 
मुझे लगा मेरा  बचपन मुझे ही दिखाने
भगवान ने  भेजी है  कोई परी 
याद है मुझको आज भी वो दिन 
आखों से निकले वो दो आसूं 
जो ख़ुशी से छलक आये थे 
तुम्हारे नरम हाथों पर जा गिरे 
अहसास तुम्हे माँ के प्यार का 
इन आसुंओं ने दिया होगा 
याद है मुझको आज भी वो दिन 
ख़ुशी से मेरा मन झूम झूम उठा था 
हर तकलीफ को भुला दिया था मैंने 
कैसे वक़्त गुजरा तुम बड़ी हो गयी 
अपने सपनो को पूरा करने मुझसे दूर हो गयी  
उसी देवी माँ पर विश्वास है मुझे 
सदा तुम्हारे जीवन में खुशियाँ भरे 
हर जनमदिन तुम्हारा खुशियों  से भरा हो 
जन्मदिन मुबारक हो ----------
याद है मुझको आज भी वो दिन 
गलों पर तुम्हारे चूमकर तुम्हे 
प्यार किया करती थी में 
इस जनमदिन पर क्या उपहार दूँ 
कुछ शब्द लिखकर आज 
अपना प्यार तुम तक पहुँचाने की
कोशिश बस कर रही हूँ में 
हर सपना तुम्हारा पूरा हो 
यही दुआ देवी माँ से करती हूँ में 
तुम्हारी    मम्मी  
दीपगिरी 

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